Bihar teachers strike

Bihar board students copy checking may delay further due to teachers strike

पटना: राजधानी के मूल्यांकन केंद्रों पर गुरुवार को छठे दिन भी मूल्यांकन कार्य शुरू नहीं हो सका. जिससे बिहार बोर्ड के इंटर और मैट्रिक परीक्षा के रिजल्ट में देरी हो सकती है. मूल्यांकन नहीं होने एवं रिजल्ट में देरी होने की स्थिति में बिहार के स्टूडेंट्स को इस साल उच्च शिक्षा के लिए अन्य संस्थाओं में नामांकन में परेशानियां हो सकती हैं. इसकी बड़ी वजह यह है कि पटना यूनिवर्सिटी समेत सभी यूनिवर्सिटीज में एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो गयी है. अगर समय से रिजल्ट जारी नहीं हुआ तो स्टूडेंट्स इस बार इन संस्थानों में एडमिशन से वंचित रह सकते है.

इससे से पहले बोर्ड मई महीने के पहले सप्ताह में ही रिजल्ट जारी करने की घोषणा कर चुकी है. लेकिन नियोजित व वित्तरहित शिक्षको ने मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया है. वो अपने मांगो के साथ हड़ताल पर है. गुरुवार को नियमित, नियोजित व वित्तरहित शिक्षकों ने केंद्रों पर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. बिहार माध्यमिक शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों ने शिक्षा सत्याग्रह के बैनर पर लोगों से हस्ताक्षर अभियान भी चलाया. संघ के अध्यक्ष केदार नाथ पांडेय ने कहा कि सरकार अधिकारियों के माध्यम से कार्रवाई का भय दिखा रही है. इससे शिक्षकों की एकता कम होने वाली नहीं है. सरकार व प्रशासन की उकसावेपूर्ण कार्रवाई का शिक्षक संघ अहिंसक  व शांतिपूर्ण तरीके से जवाब देगा.

उधर राज्य के शिक्षा मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने सभी हड़ताली शिक्षकों से अपील की है कि बिहार के छात्र-छात्राओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े, इसके लिए वे मूल्यांकन कार्य में अविलंब सहयोग प्रदान करें. उन्होंने आगे ये भी कहा कि सरकार उनकी मांगों के प्रति काफी सजग है. गुरुवार को जारी अपील में डॉ. चौधरी ने कहा कि राज्य में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु सरकार प्रतिबद्ध है. शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं के लिए अनुकूल शैक्षणिक माहौल बनाने के लिए भी तत्पर है. डॉ. चौधरी ने कहा कि मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट की परीक्षा विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं प्रशासन आदि के सहयोग से पारदर्शी एवं कदाचारमुक्त तरीके से संपन्न हुई. ये परीक्षाएं छात्र-छात्राओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.

दूसरी ओर बिहार बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने भी कहा है कि बोर्ड आपने तय समय-सीमा में रिजल्ट जारी करेगी. पिछले 5 सालों के रिजल्ट को देखा जाये तो इस साल रिजल्ट पहले जारी किया जा रहा है. समय पर मूल्यांकन कराकर परीक्षाफल प्रकाशन को लेकर बिहार विद्यालय परीक्षा समिति प्रयासरत है. ताकि स्टूडेंट्स को आगे एडमिशन लेने में किसी भी तरह का परेशानी नही हो. हालांकि आंदोलनरत मूल्यांकन कर्मियों के तेवर देखकर ऐसा लग नहीं रहा कि बोर्ड परीक्षाओं की कॉपी जांच का काम तय समय पर पूरा हो सकेगा, और बोर्ड नियत समय से करीब 28 लाख परीक्षार्थियों का रिजल्ट जारी कर पायेगा.

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