Romeo Engineer

लड़की के साथ मिला मैकेनिकल इंजीनियर, एंटी रोमिओ स्क्वाड ने किया सम्मानित!

मैकेनिकल इंजीनियरिंग….नाम सुनते ही फिल्म हलचल के अंगार चंद की उस हवेली का द्रश्य आँखों के सामने आ जाता है जिसके सामने बोर्ड लगा रहता है “औरत जात का आना मना है” | इंजीनियरिंग कॉलेजों में मैनेजमेंट का विश्वास मैकेनिकल के प्रति इतना दृढ होता है जिसका पता इसी से लगा सकते हैं कि उन्होंने ब्लॉक में लेडीज टॉयलेट का निर्माण ही नहीं करवाया होता , ऐसे में वहां किसी लड़की के होने की संभावना मंगल पर पानी होने से भी कम है और यही वजह है कि लड़कियों के मामले में मैकेनिकल इंजिनियर की वफादारी का जवाब नहीं ,ये हमेशा एक ही लड़की से प्यार करते है जिसे या तो कभी स्कूल में देखा हो या फिर शादी के बाद ससुराल से मिली हो… लेकिन फिर भी सबसे ज्यादा लड़कियों के पास इंजीनियरिंग के लौंडो के नंबर पाए जाते हैं ,लेकिन ब्लैक लिस्ट में….
जिस दिन लड़के का इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला होता है सभी लड़कियां ब्लॉक कर देती हैं जिसका नतीजा ये होता है कि इंजीनियरिंग के 4 साल बाद उनकी जिन्दगी से लड़कियां और रोमांस वैसे ही गायब हो जाते हैं जैसे उधारी लेने के बाद कोई मारवाड़ी…..
ऐसे में किसी मैकेनिकल इंजिनियर की प्रेमिका होने की प्रोबेबिलीटी उतनी ही है , जितनी केजरीवाल के इमानदार होने की…..
दरअसल बात गाजियाबाद के एक स्थानीय पार्क है जब एंटी रोमिओ स्क्वाड पूरी जोर शोर से मनचलों को पकड़ पकड कर एक ब्रह्मचारी का दिल का दर्द समझा रही थी……तभी पार्क के एक कौने में लड़की से 15 गज की दूरी बनाकर बैठे सज्जन प्रेमी को प्रेमिका से नजरें झुका कर बातें करते हुए पाया….जिसे देखकर स्क्वाड के सदस्यों की आँखे भी नम हो गई…पास जाकर पूछताछ करने पर पता चला लड़का लड़की एक दुसरे से बेहद प्रेम करते हैं और लड़का मैकेनिकल इंजिनियर है…..यह सुनते ही एंटी रोमिओ स्क्वाड की पूरी टीम लाठी डंडे छोड़ फूल मिठाइयाँ लेकर सीधे पार्क की तरफ दौड़ पड़ी और इंजिनियर को कन्धों पर उठा लिया,पुरे जोर शोर से सम्मान किया गया , जिस से पहले वो कुछ समझ पाता एक सीनियर पुलिस वाले ने आकर “कहा हम भी मैकेनिकल से हैं”

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